झांसी की बांदव समिति में 1861 से बंगाली रीति-रिवाजों के साथ दुर्गा पूजा की परंपरा निभाई जा रही है. 166वें आयोजन में चंडी पाठ, आगमनी गान और धुची नृत्य आकर्षण हैं. विसर्जन के बाद मिट्टी और पानी के दोबारा उपयोग का प्रयास किया जाता है. समिति पूजा के साथ जल संरक्षण और पर्यावरण बचाने का संदेश भी दे रही है.
Source: Aaj Tak