अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल ने SIR प्रोसेस के दौरान कथित तौर पर करोड़ों नाम हटाए जाने पर चिंता जताई, तो भारत ने इसे आंतरिक मामलों में दखल करार दिया. राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने भारत के लोकतंत्र और स्वतंत्र चुनावी संस्थाओं का हवाला देकर कहा कि हम जीवंत लोकतंत्र हैं.
Source: Aaj Tak
